लेखनी कहानी -24-Mar-2024
होलाष्टक के दिनों में कौन सा कार्य करना होता है शुभ और फलदायक
1- इन दिनों का उपयोग अधिक से अधिक पूजा – पाठ, भजन- कीर्तन में करना चाहिए।
2- जिन्हें बार-बार धन हानि हो रही हो, उनको अपार धन-संपदा की प्राप्ति हेतु गुड़, कनेर के पुष्प, हल्दी की गांँठ व पीली सरसों से श्रद्धा और भक्ति के साथ हवन करना चाहिए।
3- यदि हम अपने पेशे को लेकर चिंतित हैं तो अपने पेशे में सफलता अर्जित करने हेतु हमें जौ, तिल व शक्कर के मिश्रण से हवन करना चाहिए।
4- कन्या के विवाह को लेकर चिंतित माता- पिता को इन दिनों में माता कात्यायनी की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा -पाठ करना चाहिए ,और माता कात्यायनी का जाप करना चाहिए। इससे कन्या को अच्छे घर- वर की प्राप्ति होगी।
5- सौभाग्य प्राप्ति की इच्छा रखने वाली महिलाओं को चावल,घी, केसर से हवन करना चाहिए।
6-जो माता-पिता अपने बच्चे की पढ़ाई में मन न लगने को लेकर चिंतित हैं, उन्हें गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ कर मोदक व दूर्वा से हवन करना चाहिए।
7- आरोग्यता की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को महामृत्युंजय मंत्र का अनुष्ठान व हवन करना चाहिए।
8- यदि आप किसी की शत्रुता से परेशान हैं और उस पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं तो आदित्यहृदय स्त्रोत, सुंदरकांड का पाठ या बगलामुखी मंत्र का जाप करना चाहिए।
9- परिवार में सुख- समृद्धि सदा के लिए स्थापित करने हेतु रामरक्षास्तोत्र, हनुमान चालीसा व विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए।
10- यदि आप लगातार आर्थिक संकट और कर्ज से जूझ रहे हैं तो इससे निजात पाने हेतु श्रीसूक्त व मंगल ऋण मोचन स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।
11- होलाष्टक के दौरान भगवान नृसिंह और हनुमानजी की पूजा करना शुभ फल को प्रदान करता है।
12- संतान की इच्छा रखने वाले पति- पत्नी को लड्डू गोपाल तथा श्री कृष्ण की श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा, संतान गोपाल मंत्र का जाप करना चाहिए या गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ स्वयं कर सकें तो स्वयं करें और यदि स्वयं करने में सक्षम न हों तो पुरोहित से कराना चाहिए और अंततः शुद्ध घी व मिश्री से हवन करना चाहिए।
13- जीवन के अनेकानेक पीड़ाओं से मुक्ति पाने हेतु होलाष्टक के दिनों में पड़ने वाले व्रत को विधि- विधान से करके दान- पुण्य करना चाहिए।